बात 1945 की है, जब दूसरा विश्व युद्ध खत्म ही हुआ था। एक लेडी (woman) अपनी दो छोटी बेटियों के साथ एक बहुत पुरानी और अंधेरी हवेली में रहती है, जो चैनल आइलैंड्स पर है।
उसकी दोनों बेटियाँ फोटोसेंसिटिव हैं—मतलब उन्हें रोशनी से एलर्जी है—इसलिए घर हमेशा अँधेरे में रहता है।
धीरे-धीरे उस लेडी को लगने लगता है कि यह हवेली भूतिया है। उसे लगता है कि उसके घर में उनके अलावा कोई और भी रहता है। घर में अजीब-अजीब हरकतें होने लगती हैं और उसे यकीन हो जाता है कि कोई बुरी आत्मा उनके पीछे पड़ी है। उनकी पूरी ज़िंदगी उस हवेली के डर और अंधेरे में फँस जाती है।






