चार दोस्त शहर से दूर एक सुनसान जगह पर बने घर में पार्टी करने जाते हैं। वे बस अपनी छुट्टियों का मज़ा लेना चाहते थे, पर उनकी यह खुशी थोड़ी ही देर में एक भयानक मुसीबत में बदल जाती है।
वहाँ एक आदमी और उसका बेटा उन पर बेरहमी से हमला कर देते हैं। यह हमला इतना क्रूर होता है कि सब कुछ तहस-नहस हो जाता है।
इस नरक से जो महिलाएँ बच जाती हैं, वे चुप नहीं बैठतीं। वे ठान लेती हैं कि वे अब बदला (vengeance) लेंगी। अब यह कहानी उन महिलाओं की हिम्मत और बदले की है, जो उन हमलावरों को उन्हीं की भाषा में सबक सिखाने निकल पड़ती हैं।





