दो भाई-बहन हैं, जो पूरे एक महीने तक शहर की गलियों में भटकते रहे। उनके पास न खाने को कुछ था और न ही रहने के लिए कोई छत। भटकते-भटकते वे एक पुरानी और खंडहर हो चुकी इमारत के अंदर जा पहुँचते हैं।
वहाँ उनकी मुलाकात एक अजीब आदमी से होती है, जो उस इमारत में अकेला रहता है। वह उन्हें रहने की जगह तो देता है, लेकिन बदले में उनके सामने एक बहुत ही खतरनाक शर्त रखता है। बाहर की बेरहम दुनिया में ज़िंदा रहने के लिए, उन्हें उस आदमी की हर बात माननी होगी, चाहे वह कितनी ही अजीब या डरावनी क्यों न हो। अब उन भाई-बहनों को फैसला करना है कि ज़िंदा रहने के लिए वे किस हद तक जा सकते हैं।





